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  • श्री साँवलिया सेठ मूर्ति प्राकट्य स्थल मंदिर - Murti Parakatya Sthal


    श्री साँवलिया सेठ का प्राकट्य स्थल मंदिर भादसौड़ा-बागुंड चौराहे पर स्थित है जहाँ से साँवलिया सेठ की मुर्तिया प्रकट हुई। इसे प्राकट्य स्थल मंदिर भी कहा जाता है। यह मंदिर चित्तौड़गढ़ रेलवे स्टेशन से 35 किमी एवं डबोक एयरपोर्ट से 59 किमी की दुरी पर स्थित है।



    1978 में विशाल जनसमूह की उपस्थिति में मंदिर पर ध्वजारोहण किया गया। 1961 से मंदिर के निर्माण,विस्तार व सोंदर्यकरण का जो कार्य शुरू हुआ है,वह आज तक चालू है। इस स्थल पर अब एक अत्यंत ही नयनाभिराम एवं विशाल मंदिर बन चुका है। 36 फुट ऊँचा एक विशाल शिखर बनाया गया है जिस पर फरवरी,2011 में स्वर्णजडित कलश व ध्वजारोहण किया गया।



    1961 से ही इस प्रसिद्ध स्थान पर देवझूलनी एकादशी विशाल मेले का आयोजन हो रहा है। प्रतिवर्ष भाद्रपद शुक्ल पक्ष की दशमी, एकादशी व द्वादशी को 3 दिवसीय विशाल मेले का आयोजन किया जाता है।


    प्रतिमाह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को साँवलियाजी का दानपात्र(भंडार) खोला जाता है और अगले दिन यानी अमावस्या को पुरे दिन प्रसाद का वितरण किया जाता है और शाम को विशाल ब्रह्मभोज-प्रसादी का आयोजन होता है।




    श्री साँवलिया सेठ मंदिर कार्यालय में दी जाने वाली दान राशि और मनोरथ सेवा में दी गयी राशि आयकर अधिनियम 80 (G) के तहत छूट प्राप्त है, अतः श्रद्धालु मंदिर मंडल कार्यालय में दान राशि जमा कराकर रसीद प्राप्त कर सकते है।


    मंदिर प्रबंध कार्यकारिणी कमेटी:
    श्री साँवलियाजी प्राकट्य स्थल मंदिर 5 गाँवो का मंदिर है। ये गाँव बागुंड, भादसोड़ा, गुढ़ा, सोहन खेड़ा एवं मदनपुरा है। इन पांचो गांवों से चुने गए प्रतिनिधि सदस्य आम सभा का प्रतिनिधित्व करते है।प्रबंध कार्यकारिणी समिति के लिए बागुंड(15), भादसोड़ा(33), गुढ़ा(04), सोहन खेड़ा(09) एवं मदनपुरा(04) गावों से कुल 65 प्रतिनिधि चुने जाते हैं। वे प्रबंध कार्यकारिणी समिति के सदस्यों का चयन करते है जो मंदिर की व्यवस्थाओं को देखती है।



    यात्री निवास सुविधाए(धर्मशालाए):
    मंदिर मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए धर्मशालाओं का निर्माण किया और उनको संचालित करता है जिनमे न्यूनतम दर पर सभी प्रकार के कमरे, हॉल उपलब्ध है।

    वर्तमान में संचालित धर्मशाला में धरातल पर 14 कमरे प्रथम तल 15 पर कमरे है।
    Sanwaliya Seth Hotel Facility


    एक नया वीआईपी गेस्ट-हाउस बनकर तैयार है जो शीघ्र ही श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध होगा। फोटो निचे देखें।
    Sanwaliya Seth Hotel Facility


    वर्तमान में एक नया शॉपिंग काम्प्लेक्स निर्माणाधीन है जिसमे धरातल पर दुकाने, प्रथम तल और द्वितिय तल पर श्रद्धालुओं के लिए कमरे उपलब्ध होंगे, फोटो निचे देखें।
    Sanwaliya Seth Hotel Facility


    भोजन शाला:
    श्री साँवलिया मन्दिर मंडल यात्रियों के लिए भोजनशाला भी संचालित करता है जिसमे शुद्ध भोजन बहुत ही न्यूनतम दर पर उपलब्ध रहता है।


    श्री साँवलियाजी ग्रामीण विकास केंद्र:
    सामुदायिक विकास को ध्यान में रखते हुए श्री साँवलियाजी ग्रामीण विकास केंद्र की स्थापना की गयी है जिसके द्वारा मेधावी बच्चो को शिक्षा हेतु सहायता. निःशक्तजनो को अन्न सहायता, चिकित्सा सहायता, कृषि एवं पशु विकास आदि कार्य किये जाते हैं। महिला विकास हेतु एक तकनीकी केंद्र भी चलाया जा रहा है। मंदिर के संसाधनों में विकास के साथ आने वाले समय में इस कार्य में और भी नए आयाम जुड़ेंगे।



    One temple of Sanwaliyaji is at Bhadsoda- Bagund Chouraha which lies on the four - lanned highway no. 76, Bhadsoda Chouraha is 65 km. from Dabok (Udaipur airport) and 32 km from Chittorgarh Railway Station and bus- station.

     

    श्री साँवलिया सेठ जी के बारे में और अधिक जानकारी के लिए नीचे दिए लिंक्स पे क्लिक करें |

    For Shri Sanwaliya Seth Daily Darshan  visit www.shreesanwaliyaji.com