शुक्र ग्रह

॥ जय श्री सांवलिया सेठ ॥ बोल कर अधिक से अधिक इस पोस्ट को शेयर एवम लाइक करें, सेठ जी आपकी मनोकामना अवश्य पूरी करेंगे |

shukra-graha

शुक्र

शुक्र, जो “साफ़, शुद्ध” या “चमक, स्पष्टता” के लिए संस्कृत रूप है, भृगु और उशान के बेटे का नाम है और वे दैत्यों के शिक्षक और असुरों के गुरु हैं जिन्हें शुक्र ग्रह के साथ पहचाना जाता है, (सम्माननीय शुक्राचार्य के साथ). वे ‘शुक्र-वार’ के स्वामी हैं। प्रकृति से वे राजसी हैं और धन, खुशी और प्रजनन का प्रतिनिधित्व करते हैं।

वे सफेद रंग, मध्यम आयु वर्ग और भले चेहरे के हैं। उनकी विभिन्न सवारियों का वर्णन मिलता है, ऊंट पर या एक घोड़े पर या एक मगरमच्छ पर. वे एक छड़ी, माला और एक कमल धारण करते हैं और कभी-कभी एक धनुष और तीर.

ज्योतिष में, एक दशा होती है या ग्रह अवधि होती है जिसे शुक्र दशा के रूप में जाना जाता है जो किसी व्यक्ति की कुंडली में 20 वर्षों तक सक्रिय बनी रहती है। यह दशा, माना जाता है कि किसी व्यक्ति के जीवन में अधिक धन, भाग्य और ऐशो-आराम देती है अगर उस व्यक्ति की कुंडली में शुक्र मज़बूत स्थान पर विराजमान हो और साथ ही साथ शुक्र उसकी कुंडली में एक महत्वपूर्ण फलदायक ग्रह के रूप में हो.

शुक्र ग्रह दोष के प्रभाव:

  1. बिना किसी बीमारी के अंगूठे, त्वचा संबंधी रोगों से परेशानी
  2. राजनीति के क्षेत्र में हानि, प्रेम व दापंत्य संबंधों में अलगाव
  3. जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर तनाव

शुक्र ग्रह दोष के उपाय:

  1. मां लक्ष्मी की आराधना करें
  2. ऊं श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसिद प्रसिद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम
  3. रोज रात में मंत्र का 1 माला जाप करें
  4. मां लक्ष्मी को कमल के पुष्पों की माला चढ़ायें
  5. मंदिर में आरती पूजा के लिए गाय का घी दान करें
  6. 2 किलो आलू में हल्दी या केसर लगाकर गाय को खिलायें
  7. चांदी या मिटटी के बर्तन में शहद भरकर घर की छत पर दबा दें
  8. आडू की गुटली में सूरमा भरकर घास वाले स्थान पर दबा दें
  9. शुक्रवार के दिन मंदिर में कांसे के बर्तन का दान करें
  10. लाल रंग के गाय की सेवा करें, 800 ग्राम जिमीकंद मंदिर में दान करें
ALSO READ  जानिए सूर्य ग्रह के बारे में,प्रभाव मंत्र और दोष निवारण उपाय

शुक्र का मंत्र :

ऊं नमो अर्हते भगवते श्रीमते पुष्‍पदंत तीर्थंकराय |
अजितयक्ष महाकालियक्षी सहिताय ऊं आं क्रों ह्रीं ह्र: |
शुक्र महाग्रह मम दुष्‍टग्रह, रोग कष्‍ट निवारणं सर्व शान्तिं च कुरू कुरू हूं फट् || 16000 जाप्‍य ||

तान्त्रिक मंत्र– ऊं द्रां द्रीं द्रौं स: शुक्राय नम: || 16000 जाप्‍य ||

शुक्र गृह की आरती के लिए क्लिक करे
शुक्र गृह चालीसा के लिए यहाँ क्लिक करे

नवग्रहों की सूची :

surya

rahu

shani

mangal Grah Effect ketu Grah Effect guru Grah Effect chandra Grah Effect budh Grah Effect

॥ जय श्री सांवलिया सेठ ॥ बोल कर अधिक से अधिक इस पोस्ट को शेयर एवम लाइक करें, सेठ जी आपकी मनोकामना अवश्य पूरी करेंगे |

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *