श्यामा आन बसों वृन्दावन में

॥ जय श्री सांवलिया सेठ ॥ बोल कर अधिक से अधिक इस पोस्ट को शेयर एवम लाइक करें, सेठ जी आपकी मनोकामना अवश्य पूरी करेंगे |

IMG-20160826-WA0005

श्यामा आन बसों वृन्दावन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ।

श्यामा रस्ते में बाग बना जाना,
फुल बीनुगी तेरी माला के लिए ।
तेरी बाट निहारूं कुंजन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा रस्ते में कुआ खुदवा जाना,
मैं तो नीर भरुंगी तेरे लिए ।
मैं तुझे नहालाउंगी मल मल के,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा मुरली मधुर सुना जाना,
मोहे आके दरश दिखा जाना ।
तेरी सूरत बसी है अंखियन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा वृन्दावन में आ जाना,
आकर के रास रचा जाना ।
सूनी गोकुल की गलियन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

श्यामा माखन चुराने आ जाना,
आकर के दही बिखरा जाना ।
बस आप रहो मेरे मन में,
मेरी उम्र बीत गयी गोकुल में ॥

॥ जय श्री सांवलिया सेठ ॥ बोल कर अधिक से अधिक इस पोस्ट को शेयर एवम लाइक करें, सेठ जी आपकी मनोकामना अवश्य पूरी करेंगे |
ALSO READ  भगवान बालकृष्ण की आरती

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *