सावरीयाजी ऒर हरीयालि अमावस्या

सावरीयाजी में हरीयालि अमावस्या का त्योहार बहुत धुम धाम से मनाया जाता है। सावरीयाजी में अमावस्या का बढ़ा महत्व है यहा सावरीयाजी(मण्दपिया)में हर महिनॆ कि अमावस्या बहुत् खास हॊति है| हरियाली अमावस्या का त्योहार श्रावण कृष्ण अमावस्या को मनाया जाता है| यह त्योहर सावन में प्रकृति पर आई बहार की खुशी में मनाया जाता है। इस त्योहार का मुख्य उद्देश्य लोगों को प्रकृति के करीब लाना है। छोटे-छोटे गांवों में यह त्योहार बहुत ही हर्षोल्लास से मनाया जाता है। गांवों में इस दिन मेले लगाए जाते हैं| सावरीयाजी में हरीयालि अमावस्या कै दिन मालपुए का भोग सावरीयाजी(कृष्ण भगवान) कॊ लगाकर भकतॊ कॊ प्रसाद् वितरन किया जाता हैं| ऐसी भी मान्यता है कि इस दिन हर व्यक्ति को एक पौधा अवश्य रोपना चाहिए। हमारे धर्म शास्त्रों में पौधारोपण के लिए भी शुभ मुहूर्त बताए गए हैं जैसे- उत्तरा फाल्गुनी, उत्तराषाढ़ा, उत्तरा भाद्रपद, रोहिणी, चित्रा, अनुराधा, मूल, विशाखा, पुष्य, श्रवण, अश्विनी, हस्त इत्यादि नक्षत्रों में किए गए पौधारोपण शुभ फलदायी होते हैं। लेकिन ऐसी भी मान्यता है कि हरियाली अमावस्या के दिन कभी भी पौधारोपण कर सकते हैं।

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posted by admin in Bhadsoda Sanwaliyaji and have Comment (1)

One Response to “सावरीयाजी ऒर हरीयालि अमावस्या”

  1. kishanregar says:

    setho ke seth sanwara seth

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